कश्मीरी अवाम के नाम एक अराजनैतिक पत्र

News4u-फ़ीचर डेस्क- एक तरफ़ जन्नत का नज़ारा देने वाली कश्मीर वादियां और दूसरी ओर कभी भी कहीं भी, आतंकियों का खूनी खेल। एक तरफ़ भोले भाले आमजन जो डल झील पर तैरती कश्तियों पर सवार सैलानियों को ख़ुशबूदार केसर और तरह तरह के आभूषण बेचते हैं और दूसरी तरफ़ आईएसआईएस का झंडा फहराते अलगाववादी I कश्मीर की तस्वीर के ये दो पहलू हैं जो बेहद दर्दनाक और अशांत करने वाले हैं I

आईएसआईएस या पाकिस्तान का झंडा ऊँचा करने वाले कश्मीरी क्या पड़ोसी पाकिस्तान और आईएसआईएस से त्रस्त दूसरे देशों के हालात से बेख़बर हैं ? क्या वे इस खूबसूरत प्रदेश को कसाइयों के हवाले करके चैन से रहने की उम्मीद कर सकते हैं?

कड़वा सच तो ये है कि कश्मीर पर मुसलमानों का कोई मौरूसी हक़ बनता नहीं I कभी इतिहास की तरफ देखें तो पता चले कि कश्मीर संस्कृत शब्द कस्मीरा से निकला है I कभी कश्यप नाम के ऋषि ने इसे बसाया था और उन्हीं के नाम से ये कहलाया, कश्मीर I

चलो इसे छोड़ भी दें तो ये स्थापित सत्य है कि मध्य युग में कश्मीर बौद्ध और हिन्दू धर्म का समन्वय केंद्र रहा I आगे जा कर मौर्यवंशी सम्राट अशोक ने कश्मीर की पुरानी राजधानी श्रृंगेरी की नीवं रखी जो आज श्रीनगर के बाहर खँडहर बना पड़ा है.

पहली शती के पूर्वार्ध तक पूर्व और मध्य एशिया से बौद्ध भिक्षु यहाँ आते रहे I चौथी शती के अंत में कई प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु यहाँ आये और बस गए I नवीं शती में यहाँ शैव मत का प्रचार हुआ I कहना ये है कि कश्मीर घाटी की नीवँ में बौद्ध और हिन्दू विचारधारा बह रही है, जो १३वीँ और १४वीं शती में,इसके इस्लामीकरण के बाद भी अंदर अंदर बहती रही I आज कश्मीरी सूफ़ी दर्शन में हम उसी का अक्स पाते हैं I

१३३९ में शाहमीर कश्मीर का पहला मुस्लिम शासक बना I अगली पांच शतियों तक इस्लाम ने कश्मीर को अपनी जकड़ में रखा जिनमे मुग़ल भी शामिल थे और दुर्रानी भी I फिर १८४६ में अंग्रेजों और सिखों की लड़ाइयों के बाद कश्मीर सिखों के शासन में आ गया I पहली ब्रिटिश सिख लड़ाई के बाद जो संधि हुई उसके द्वारा कश्मीर सदा के लिए सिख राज्य का हिस्सा बन गया I गुलाबसिंह कश्मीर का नया राजा बना और जब देश विभाजन के बाद पाकी कबाइलियों ने कश्मीर पर हमला किया तो तत्कालीन राजा हरीसिंह ने नि:शर्त भारत के साथ विलय का फैसला ले लिया I

इतिहास के ये पन्ने बताते है कि कश्मीर कभी भारतीय सभ्यता और संस्कृति से अलग नहीं रहा I इस्लाम अगर यहाँ समृद्ध हुआ तो हिन्दू धर्म भी कम नहीं रहा I सच तो ये है कि कश्मीर के बाशिंदे कश्मीरी पंडित आज दर दर की ठोकरें खा रहे हैं, जब कि अपने को कश्मीर का ठेकेदार बताने वाले हर दिन कभी पाकिस्तान तो कभी आईएसआईएस का झंडा फहरा कर इस देश से अलग होने का एलान करते रहते हैं I

जब कश्मीर किसी प्राकृतिक आपदा से त्रस्त होता है तो वही लोग मौत से लड़कर इन लोगों को बचाते हैं जो उनपर मौका मिलते ही पत्थर बरसाने से नहीं चूकते I हमें मालूम है कि एक आम कश्मीरी शांति और अमन चाहता है, बीजेपी को जिता कर अधिकाँश ने अपना मत बता दिया है , पर बाक़ी सब चुप क्यों हैं?

कश्मीरियों की यह चुप्पी अलगाववादियों की हिम्मत बढ़ाती जाती है I सवाल है कि क्या कश्मीर पाकिस्तान जैसे देश में मिलना चाहता है , जहाँ कि अवाम ख़ुद आतंकियों से परेशान है ? या वह सोचता है कि वह एक स्वतंत्र राज्य के रूप में कभी भी ज़िंदा रह सकेगा I पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के होते क्या कभी ऐसा हो पायेगा ? तिब्बत का हाल क्या उन्हें दिखाई नहीं देता I पाक अधिकृत कश्मीर की बदहाली से क्या कश्मीरी अनजान हैं? अगर ये समझ में आ जाता तो अलगाववादियों  को  अलग थलग करके चैन से बैठते कश्मीरी I देखा जाए तो मुसलमानों का हक़ न पाकिस्तान पर है न ही कश्मीर पर I ये तो भारतीय सभ्यता है जो विदेशियों को भी अपनी धरती पर बसने का हक़ दे देती है, वर्ना क्या फ़लस्तीनियों जैसी मिसालें सामने नहीं हैं I रही भारतीय सेनाओं की ज्यादतियों की बात तो अनाज के साथ घुन पिसता ही है I अगर आप सबने आरम्भ से ही अलगाववादी आतंकियों को अपने घरों में पनाह न दी होती तो कई बेगुनाह बच्चे संदेह का शिकार हो कर जान गवाने से बच जाते.

जो भी हो अब भी समझ जाएँ - पहली बात ये कि इस धरती पर आप का मौरूसी हक़ नहीं , दूसरी ये कि, न आईएसआईएस, न पाक के झंडे आपको एक अमन की ज़िंदगी दिला सकते हैं I बुध्द की इस धरती पर शांति से रहने के लिए आपको इतिहास के साथ साथ भारतीयोँ की सहृदयता का भी सम्मान करना होगा I भारत विरोधी ताक़तों का साथ देना छोड़ दें तभी ये जन्नत सुरक्षित रह पायेगी I जन्नत की हिफाज़त शैतान नहीं किया करते I वो सिर्फ विनाश और बरबादी ही कर सकते है I यह याद रखना ज़रूरी है I


By : Veera Chaturvedi
Veera Chaturvedi is a renowned author . She has many books to her credit. She is a freelancer you can find more of her articles on — http://ipen-veera.blogspot.in/

कश्मीर

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